ज़िंदगी की तपिश को
सहन किजिए जनाब,
अक्सर वे पौधे मुरझा जाते हैं,
जिनकी परवरिश
छाया में होती हैं…
जब जीवन में समझ
बढ़ती है तो इंसान
मौन रहना पसंद करता है
पर जब अभिमान बढ़ता है
तो इंसान अधिक
बोलना पसंद करता है।
विश्वास एक छोटा शब्द है
उसको पढ़ने में सेकंड लगता है
सोचो तो मिनट लगता है
समझो तो दिन लगता है
लेकिन साबित करने में
पूरी जिंदगी लगती है
अकेले चलना सिख लो
जरुरी नहीं जो आज,
तुम्हारे साथ है वो कल
भी तुम्हारे साथ रहे…
मिलता तो बहुत कुछ है
इस जिंदगी में,
बस हम गिनती
उसी की करते है,
जो हासिल ना हो सका…
कभी कभी हम अनजाने में
वक्त पर पावं रख देते है
इसीलिए ज़िंदगी
मुहं के बल गिर जाती है
मैंने हिसाब में रहने
वाले लोगों को
बेहिसाब होते देखा है
मैंने लोगों को बदलते नहीं
बे
नकाब होते देखा है.
आज कल लोग याद
करना भूल जाते है लेकिन
हिसाब लगाना नहीं भूलते
रास्ता सही होना चाहिए
क्योंकि कभी कभी मंज़िल
रास्तों में मिल जाती है
आजकल सब यही
कहते रहते है की
वक्त नहीं मिलता,
मझे समझ नहीं आता की
Busy वक्त हो गया है
या आदमी.
ज़िंदगी मीठी बनाने के लिए
अक्सर, सही वक्त पर
कड़वी घूंट पीनी जरूरी होती है
कुछ इस तरह मैंने अपनी
ज़िंदगी आसान बना ली,
किसी को माफ़ कर दिया
और किसी से माफ़ी मांग ली
जहाँ उम्मीद नहीं होती,
वहां तकलीफ की कोई
गुंजाइश भी नहीं होती
जीवन में गीरना भी अच्छा है
औकात का पता चलता है
बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को
तो अपनों का पता चलता है
जीवन हमें हमेशा दूसरा
मौका जरूर देता है,
जीसे “कल” कहते हैं