"कामयाबी" के सफर
में "धूप" का बड़ा महत्व
होता हैं,
क्योंकि "छांव" मिलते ही
"कदम" रुकने लगते है!!
"कदम" रुकने लगते है !!
સાચી દીશા અને સાચા
સમય ની સમજણ ન હોય તો
આપણને ઉગતો સુરજ
પણ આથમતો દેખાય
किरण चाहे सूरज की हो
या आशा की,
जीवन की सभी
अंधकार को मिटा देती है
जिंदगी में किसी से
अपनी तुलना मत करो
जैसे चांद और सूरज की
तुलना किसी से नहीं
की जा सकती क्योकि
यह अपने समय
पर ही चमकते है।
अपने स्वभाव को हमेशा सूर्य की तरह रखिये,
न उगने का अभिमान, न डूबने का डर..!