कुदरत के करिश्मों में
अगर रात ना होती,
ख़्वाबों में भी उनसे
मुलाक़ात ना होती,
यह दिल हर ग़म की वजह है..
यह दिल ही न होता तो
कोई बात न होती.
उनकी तस्वीर को
सीने से लगा लेते हैं,
इस तरह जुदाई का
ग़म मिटा लेते हैं,
किसी तरह कभी
ज़िक्र हो जाए उनका तो,
हस कर भीगी पलके
छुपा लेते हैं.







