प्यार की डोर सजाये रखो !!
दिल को दिल से मिलाये रखो!!
क्या लेकर जाना है साथ में
इस दुनिया से!!!
मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से
रिश्तों को बनाए रखो!!
यूँ तो कोई शिकायत नहीं
मुझे मेरे आज से,
मगर कभी
कभी बीता हुआ
कल बहुत याद आता है…
ના જાણે કઈ ફરિયાદના
અમે શિકાર થઈ ગયા
જેટલું દિલ સાફ રાખ્યું
એટલા ગુનેગાર થઈ ગયા...
ये महज़ पल है तो इक
पल में ही टल जायेगा,
और अगर जादू है तो
आज भी चल जायेगा,
मेरी मिट्टी का खिलौना
मुझे वापस कर दे,
जिस्म बच्चा है
खिलौने से बहल जायेगा
ना कोई किसी से
दूर होता है न कोई
किसी के पास होता है
रिश्ते खुद चलके आते हैं
जब कोई किसी के
नसीब में होता है ...