Was lonely in the crowd of the world

Was lonely in the crowd of the world

तन्हाई सी थी
दुनिया की भीड़ में,
सोचा कोई अपना
नहीं तकदीर में,
एक दिन जब दोस्ती
की आप से तो यूँ लगा,
कुछ ख़ास था
मेरे हाथ की लकीर में।
Tags hindi friend shayri life lonely friendship
Category Friendship
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