अमीर हुए तो इतने कि
सब कुछ उन्हीं पर लुटा बैठे,
ग़रीब हुए तो इस क़दर
की वापिस उन्ही के
दर पर जा बैठे.
केसा दौर आया है..!!
एक तरफ, कुछ अमीर लोग
कीतना सोना खरीदें.
ये सोच रहे हैं...
और दूसरी तरफ कुछ गरीब लोग
कहां सोना है ये सोच रहे हैं.