‘शक’ करने से
‘शक’ ही बढ़ता है
‘विश्वास’ करने से ही
‘विश्वास’ बढ़ता है!
यह आपकी इच्छा है कि..
आप किस तरफ
बढ़ना चाहते हैं..!
मैं बड़ो कि इज़्जत
इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनकी अच्छाइया
मुझसे ज़्यादा है..
और छोटो से प्यार
इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनके गुनाह
मुझसे कम है….
मंजिले बहुत है और
अफ़साने भी बहुत है,
जिंदगी की राह में
इम्तिहान भी बहुत है,
मत करो दुःख उसका
जो कभी मिला नही
दुनिया में खुश रहने के
बहाने भी बहुत है।
क्या हार में, क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
कर्तव्य पथ पर जो भी मिला
यह भी सही, वो भी सही
वरदान नहीं मांगूंगा
हो कुछ पर हार नहीं मानूंगा
ना फिसलो इस उम्मीद में,
कि कोई तुम्हें उठा लेगा,
सोच कर मत डूबो दरिया में,
कि तुम्हें कोई बचा लेगा,
ये दुनिया तो एक अड्डा है
तमाशबीनों का दोस्तों,
अगर देखा तुम्हें मुसीबत में,
तो हर कोई यहां मज़ा लेगा।














