जो पैसे से भी
हासिल ना हो सके
कुछ ऐसा शौख रखता हूँ,
ज़िंदगी की हर
उलझनो के लिए
आपने आप को
तैयार रखता हूँ I
मैंने हिसाब में रहने
वाले लोगों को
बेहिसाब होते देखा है
मैंने लोगों को बदलते नहीं
बे
नकाब होते देखा है.
खौलते हुए पानी में
जिस तरह प्रतिबिम्ब
नहीं देखा जा सकता है,
उसी तरह क्रोध की
स्थिति में सच को
नहीं देखा जा सकता है…
दुसरो को सुनाने के लिए,
अपनी आवाज ऊँची मत करिये
बल्कि अपना व्यक्तित्व
इतना ऊँचा बनाये की,
आपको सुनने की
लोग मिन्नत करे…














